
जीने की राह
जीने की राह
अध्यात्म से जीवन-प्रबंधन तक — पं. विजय शंकर मेहता के साथ भीतर की यात्रा।
ऑनलाइन कक्षा में नामांकन- 6,000+
- प्रवचन
- 135+
- विषय
- 20
- देश
- 45+
- पुस्तकें
हनुमान चालीसा की ऑनलाइन क्लास — गुरु जी की शाला
विश्व में पहली बार — गुरु जी की शाला में पं. विजयशंकर मेहता के साथ 43 पदों में छिपे जीवन-प्रबंधन, ध्यान व आत्म-शक्ति के सूत्र।
- ✦ हनुमान चालीसा का गूढ़ अर्थ समझें
- ✦ जीवन में सफलता, शांति और आत्मविश्वास प्राप्त करें
- ✦ प्रत्येक चौपाई का जीवन से जुड़ा विश्लेषण
- ✦ घर बैठे ऑनलाइन जुड़ने का अवसर
📅 बैच अवधि: 22 अग॰ 2026 – 31 अक्टू॰ 2026

शान्तम्
सुंदरकाण्ड की पहली पंक्ति का पहला शब्द — “शान्तम्”
जिन्हें शांति की तलाश, वह शान्तम् अवश्य आएं।
श्री हनुमान चालीसा से मेडिटेशन का विश्व का पहला केंद्र
शान्तम् में क्या-क्या
श्री हनुमान चालीसा से मेडिटेशन
24 मिनट का सामूहिक ध्यान पाठ्यक्रम — विश्व का पहला ऐसा केंद्र।
ध्यान के अतिरिक्त अन्य अनुष्ठान
शान्तम् में ध्यान पाठ्यक्रम के अलावा अन्य अनुष्ठान भी सम्पन्न होते हैं।
पाठ व आरती
नियमित पाठ और आरती — भक्ति और शांति का दैनिक क्रम।
गो ध्यान
गायों के सान्निध्य में, उनकी आँखों पर ध्यान केंद्रित कर सरलता और शांति से जुड़ाव।


शब्दों से जीवन बदलने वाले गुरु
पं. विजय शंकर मेहता धर्म व अध्यात्म को जीवन-प्रबंधन से जोड़ने वाले प्रसिद्ध चिंतक हैं। रसायन शास्त्र में एम.एससी. के पश्चात उन्होंने बैंक व पत्रकारिता में दो-दो दशक सेवाएँ दीं, और 2004 के कुंभ में गुरु-आशीर्वाद के बाद जीवन-प्रबंधन के प्रवचन आरंभ किए। आज वे 45 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं और लगभग 20 देशों में 6,000 से अधिक प्रवचन दे चुके हैं।
कक्षाएँ व कोर्स
हनुमान चालीसा की ऑनलाइन क्लास — गुरु जी की शाला
विश्व में पहली बार — गुरु जी की शाला में पं. विजयशंकर मेहता के साथ 43 पदों में छिपे जीवन-प्रबंधन, ध्यान व आत्म-शक्ति के सूत्र।
Online (Live)नामांकन बंदश्रीमद्भगवद्गीता व जीवन प्रबंधन
गीता के 18 अध्यायों से तनाव-मुक्त, निर्णय-सक्षम और संतुलित जीवन जीने की कला।

जीवन को समस्या की तरह मत जियो, साधना की तरह जियो। भीतर शांति होगी तो बाहर की हर राह आसान लगेगी।
— पं. विजय शंकर मेहता
शान्तम् की एक झलक
कार्यक्रम
सिंहस्थ 2028
महापाठ
श्रीराम कथा
मीडिया कवरेज


दैनिक भास्कर के स्तंभ “जीने की राह” सहित प्रमुख समाचार-पत्रों में नियमित प्रकाशन।
आज ही अपनी साधना आरंभ करें
सीमित सीटों वाली लाइव ऑनलाइन कक्षा में जुड़ें और जीवन-प्रबंधन के सूत्र सीखें।











