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जीवन प्रबंधन — आपके संस्थान के मंच पर
पं. विजय शंकर मेहता का व्याख्यान — शास्त्र से प्रबंधन तक। विषय गीता, रामायण व महाभारत से आते हैं, और प्रस्तुति आज के कार्य-जीवन की भाषा में होती है।
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प्रवचन
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विषय
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देश
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पुस्तकें
विषय
किन विषयों पर
नेतृत्व व निर्णय-क्षमता
दायित्व के क्षण में संयम — शास्त्र के प्रसंगों से नेतृत्व के सूत्र।
तनाव-प्रबंधन व एकाग्रता
दबाव के बीच मन को स्थिर रखने का अभ्यास, व्यावहारिक रूप में।
परिवार व कार्य का संतुलन
कार्यस्थल और घर — दोनों के कर्तव्य एक साथ कैसे निभें।
कर्तव्य-बोध व टीम-भावना
सहकार्य, विश्वास व उत्तरदायित्व — रामायण व महाभारत के दृष्टांतों से।
गीता व जीवन प्रबंधन
गीता के सूत्र आज के कार्य-जीवन की भाषा में।
संस्थान की आवश्यकता अनुसार
आपके आयोजन के उद्देश्य के अनुरूप विषय तय किया जा सकता है।
किनके लिए
किन आयोजनों में
- कंपनी व कॉर्पोरेट कार्यालय
- विद्यालय व महाविद्यालय
- व्यापारिक संगठन व मंडल
- सामाजिक संस्था व समिति
- वार्षिक समारोह व सम्मेलन
व्यवस्था
कैसे तय होता है
- 1आप नीचे विवरण भेजते हैं — संस्थान, विषय व अनुमानित श्रोता।
- 2कार्यालय आपसे सम्पर्क कर तिथि, अवधि व व्यवस्था पर बात करता है।
- 3विषय व प्रारूप आपके आयोजन के उद्देश्य के अनुसार तय होते हैं।
आयोजन की व्यवस्था प्रत्येक संस्थान के अनुसार भिन्न होती है, अतः विवरण पर ही बात की जाती है।
